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सरकारी PDF से हिंदी कॉपी करने पर "Hkkjr ljdkj" जैसा क्यों आता है, और इसे सही हिंदी में कैसे बदलें

ऐसी PDF के अंदर हिंदी नहीं, कृतिदेव के अंग्रेजी अक्षर जमा होते हैं। लेख कॉपी करने के बजाय पूरी PDF कृतिदेव से यूनिकोड पेज पर डालें: उसका लेख पढ़कर यूनिकोड में बदल जाता है, जिसे कॉपी करें या .txt या Word फाइल में डाउनलोड करें।

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किसी विभाग का सर्कुलर, कोर्ट का आदेश या भर्ती का नोटिस PDF में आया। उसमें से एक पैराग्राफ अपने पत्र में लगाना था। कॉपी करके Word में पेस्ट किया तो आया Hkkjr ljdkj] dk;kZy; ftykf/kdkjh। जबकि PDF में साफ लिखा था: "भारत सरकार, कार्यालय जिलाधिकारी"।

PDF खराब नहीं है, और आपके कंप्यूटर में भी कोई गड़बड़ नहीं है। बात यह है कि यह दस्तावेज़ कृतिदेव में टाइप हुआ था।

ऐसा क्यों होता है

जिस कंप्यूटर पर यह दस्तावेज़ बना, उस पर हिंदी Kruti Dev 010 में टाइप हुई थी। कृतिदेव में हिंदी के अक्षर नहीं, अंग्रेजी कीबोर्ड के अक्षर जमा होते हैं: "भारत" असल में Hkkjr है। PDF बनाते समय Kruti Dev फॉन्ट भी PDF के अंदर रख दिया जाता है, इसलिए PDF खोलने पर हिंदी दिखती है। लेकिन अंदर अक्षर वही अंग्रेजी वाले रहते हैं। कॉपी करने पर फॉन्ट नहीं आता, सिर्फ अक्षर आते हैं।

इसी वजह से ऐसी PDF में Ctrl+F से हिंदी शब्द खोजने पर कुछ नहीं मिलता। इंटरनेट पर भी ऐसे दस्तावेज़ों के नतीजों में dk;kZy; जैसे शब्द ही दिखते हैं, हिंदी नहीं।

PDF में दो दिक्कतें और आती हैं, जिन्हें हाथ से ठीक करने में सबसे ज़्यादा समय लगता है:

  • मोटे (bold) अक्षर दो बार। कई PDF में bold हेडिंग का हर अक्षर दो बार छपा होता है, एक के ठीक ऊपर दूसरा। देखने में एक ही लगता है, पर कॉपी करने पर हर अक्षर दो-दो बार आता है।
  • शब्द के बीच फालतू जगह। "हस्ताक्षर" कॉपी होकर gLrk{ kj बन जाता है, यानी बीच में खाली जगह आ जाती है।

पहले देख लें: PDF में लेख है या सिर्फ तस्वीर

PDF में किसी शब्द को माउस से चुनकर देखें। अलग-अलग शब्द चुने जा रहे हैं तो PDF में लेख है, और नीचे वाला तरीका काम करेगा। पूरा पेज एक तस्वीर की तरह चुना जाए या कुछ चुना ही न जाए, तो वह स्कैन की हुई PDF है। उसके लिए नीचे "स्कैन की हुई PDF हो तो" देखें।

स्टेप बाय स्टेप: PDF का लेख यूनिकोड में

  1. कृतिदेव से यूनिकोड पेज खोलें। ऊपर दिशा "कृतिदेव से यूनिकोड" ही रहने दें, PDF सिर्फ इसी दिशा में बदलती है।
  2. बॉक्स के नीचे वाली जगह पर PDF खींचकर छोड़ें, या "फ़ाइलें चुनें" दबाकर चुनें।
  3. टूल PDF का लेख फॉन्ट देखकर पढ़ता है। जो हिस्सा Kruti Dev फॉन्ट में है, वही यूनिकोड में बदलता है। दूसरे फॉन्ट में लिखी अंग्रेजी, जैसे वेबसाइट का पता, ईमेल या अंग्रेजी हेडिंग, वैसी ही रहती है। bold के दोहरे अक्षर और शब्दों के बीच आई फालतू जगह बदलने से पहले ही ठीक कर दी जाती है।
  4. "इस PDF में मिले फ़ॉन्ट" में दिखता है कि PDF में कौन-कौन से फॉन्ट हैं। इससे पता चल जाता है कि हिंदी सच में कृतिदेव में थी या किसी और फॉन्ट में।
  5. नतीजा पढ़ लें। फिर "टेक्स्ट कॉपी करें" दबाएँ, या ".txt डाउनलोड करें" या "Word (.docx) डाउनलोड करें" चुनें। Word फाइल में हिंदी किस फॉन्ट में आए, यह आप चुन सकते हैं: Mangal, Nirmala UI या Noto Sans Devanagari।

PDF आपके कंप्यूटर से बाहर नहीं जाती। पूरा काम इसी ब्राउज़र में होता है, इसलिए कोर्ट के आदेश या दफ्तर के अंदर के कागज़ भी बेझिझक डाल सकते हैं।

Word फाइल में क्या आता है, क्या नहीं

Word फाइल में PDF का लेख पैराग्राफ में आता है। जहाँ PDF में लाइनें खानों में बँटी हों, वहाँ सादी टेबल बनती है। PDF जैसा हूबहू पेज नहीं बनता: लोगो, मोहर, हस्ताक्षर और पेज का डिज़ाइन नहीं आते। यह तरीका उस काम के लिए है जहाँ लेख चाहिए। जैसे आदेश का कोई हिस्सा अपने पत्र में लगाना, पुराने सर्कुलर को दोबारा टाइप किए बिना नया बनाना, या लेख में कुछ खोजना।

स्कैन की हुई PDF हो तो

स्कैन PDF में लेख होता ही नहीं, सिर्फ पेज की तस्वीर होती है। टूल ऐसी PDF पर बता देता है कि इसमें लेख नहीं मिला। ऐसी PDF को स्कैन किया PDF एडिट करें टूल से पढ़वाएँ। वह पेज की तस्वीर से हिंदी पढ़ता है, और जो लेख बनता है वह सीधे यूनिकोड में होता है, क्योंकि तस्वीर में तो हिंदी ही दिखती है। उसे कृतिदेव से बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

ध्यान रखने वाली बातें

  • कॉपी-पेस्ट से बेहतर है पूरी PDF डालना। PDF से कॉपी करने पर फॉन्ट की जानकारी खो जाती है, तो अंग्रेजी और कृतिदेव में फर्क करना मुश्किल हो जाता है, और bold के दोहरे अक्षर भी साथ आ जाते हैं। पूरी PDF डालने पर ये दोनों दिक्कतें नहीं रहतीं।
  • सिर्फ कृतिदेव वाला हिस्सा बदलता है। PDF में कोई और पुराना हिंदी फॉन्ट हो, तो वह हिस्सा वैसा ही रहता है। फॉन्ट की लिस्ट में उसका नाम दिख जाएगा।
  • तारीख में बिंदु। कृतिदेव में "." दिखाने के लिए "-" टाइप होता है। इसलिए 01-10-2025 बदलकर "01.10.2025" बनता है। PDF में भी यही दिखता था, तो यह सही है।
  • नाम, तारीख और नंबर एक बार मिला लें। लंबे आदेश में भी तरीका यही है, बस नतीजा एक बार पढ़ लें। जहाँ टूल किसी अक्षर को पहचान न पाए, वहाँ निशान दिखेगा।
  • मूल PDF संभालकर रखें। दस्तावेज़ का असली रूप मूल PDF ही है। बदला हुआ लेख आपकी सुविधा के लिए है, उसे मूल आदेश की जगह न भेजें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PDF से हिंदी कॉपी करने पर अंग्रेजी अक्षर क्यों आते हैं?

क्योंकि PDF कृतिदेव में टाइप हुई थी। कृतिदेव में हिंदी अंग्रेजी अक्षरों के रूप में जमा होती है, और PDF के अंदर रखा Kruti Dev फॉन्ट उन्हें हिंदी जैसा दिखाता है। कॉपी करने पर फॉन्ट नहीं आता, अक्षर आते हैं।

क्या कृतिदेव PDF को सीधे Word में बदल सकते हैं?

हाँ। PDF को कृतिदेव से यूनिकोड पेज पर डालें और "Word (.docx) डाउनलोड करें" चुनें। Word फाइल में लेख यूनिकोड में आता है, पैराग्राफ और सादी टेबल के साथ। PDF का पूरा डिज़ाइन नहीं आता।

PDF की हिंदी मंगल फॉन्ट में चाहिए, क्या करें?

Word फाइल डाउनलोड करने से पहले यूनिकोड फॉन्ट में Mangal चुनें। लेख Mangal में आएगा। Nirmala UI और Noto Sans Devanagari भी चुन सकते हैं।

स्कैन की हुई PDF का क्या करें?

स्कैन PDF में लेख नहीं, पेज की तस्वीर होती है। उसे पहले स्कैन किया PDF एडिट करें टूल से पढ़वाएँ। वहाँ से जो हिंदी लेख बनता है, वह सीधे यूनिकोड में होता है।

क्या मेरी PDF कहीं अपलोड होती है?

नहीं। PDF इसी ब्राउज़र में पढ़ी और बदली जाती है। हमारे सर्वर पर कुछ नहीं जाता।