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प्रिंटिंग प्रेस, PageMaker या CorelDRAW के लिए मंगल को कृतिदेव में कैसे बदलें
पुराने PageMaker और CorelDRAW यूनिकोड हिंदी की मात्राएँ ठीक से नहीं जोड़ पाते। लेख को मंगल से कृतिदेव पेज पर बदलें, नतीजे को Kruti Dev 010 फॉन्ट दें, और अंग्रेजी शब्दों को अंग्रेजी फॉन्ट दें।
शादी का कार्ड, स्कूल की पत्रिका, दुकान का बैनर: ग्राहक लेख WhatsApp पर या Word फाइल में भेजता है, यानी मंगल (यूनिकोड) में। और प्रेस के कंप्यूटर पर डिज़ाइन के लिए आज भी PageMaker या CorelDRAW का पुराना वर्ज़न चलता है। यूनिकोड लेख वहाँ पेस्ट करते ही मात्राएँ अपनी जगह छोड़ देती हैं: छोटी इ की मात्रा अक्षर के बाद आ जाती है, आधे अक्षर पूरे बन जाते हैं, और जुड़े हुए अक्षर टूट जाते हैं।
ऐसा क्यों होता है
यूनिकोड हिंदी में "कि" दो हिस्सों में जमा होता है: पहले "क", फिर "ि" की मात्रा। स्क्रीन पर मात्रा को अक्षर से पहले दिखाने का काम सॉफ्टवेयर करता है। नए प्रोग्राम यह करना जानते हैं, पुराने PageMaker और CorelDRAW के पुराने वर्ज़न नहीं जानते। इसलिए उनमें मात्रा गलत जगह लग जाती है।
कृतिदेव में यह काम टाइप करने वाला खुद करता है। "कि" टाइप होता है fd: पहले मात्रा (f), फिर अक्षर (d)। फॉन्ट उसे बस वैसा ही दिखा देता है। इसलिए पुराने सॉफ्टवेयर में भी कृतिदेव ठीक दिखता है, और इसीलिए बहुत सी प्रेस आज भी कृतिदेव मांगती हैं।
सिर्फ फॉन्ट बदलने से काम नहीं बनता। मंगल वाला लेख चुनकर फॉन्ट Kruti Dev 010 कर देने से हिंदी कृतिदेव में नहीं बदलती, क्योंकि दोनों में हिंदी अलग तरह से जमा होती है। लेख को पहले बदलना पड़ता है।
अगर आपका डिज़ाइन सॉफ्टवेयर यूनिकोड हिंदी ठीक दिखाता है, तो बदलने की ज़रूरत ही नहीं है। यह लेख उन कंप्यूटरों के लिए है जहाँ ऐसा नहीं होता।
स्टेप बाय स्टेप: लेख को कृतिदेव में
- ग्राहक का लेख कॉपी करें, चाहे वह WhatsApp में हो, ईमेल में या Word में।
- मंगल से कृतिदेव पेज खोलें और बॉक्स में पेस्ट करें। नतीजा तुरंत आता है। बॉक्स में वह अंग्रेजी अक्षरों जैसा दिखेगा, जैसे "शुभ विवाह" दिखेगा
'kqHk fookg। यह सही है। - "टेक्स्ट कॉपी करें" दबाएँ।
- PageMaker या CorelDRAW में पेस्ट करें, लेख चुनें और फॉन्ट Kruti Dev 010 कर दें। अब हिंदी सही दिखेगी, मात्राएँ अपनी जगह पर।
- अंग्रेजी शब्द हों तो उन्हें चुनकर Arial जैसा अंग्रेजी फॉन्ट दें। इसकी वजह नीचे है।
ग्राहक ने Word फाइल भेजी हो तो पूरी फाइल डाल दें (.docx, .xlsx या .pptx)। हिंदी Kruti Dev 010 में चली जाती है, अंग्रेजी अपने फॉन्ट में रहती है, और फाइल के नाम में -krutidev जुड़ जाता है। जिस कंप्यूटर पर फाइल खुलेगी, उस पर Kruti Dev 010 इंस्टॉल होना चाहिए।
PDF इस दिशा में नहीं बदलती, टूल PDF को सिर्फ कृतिदेव से यूनिकोड में बदलता है। ग्राहक से लेख या Word फाइल मांग लें।
छपाई से पहले ये चीज़ें जाँचें
- अंग्रेजी शब्द। लेख में "Mobile" या वेबसाइट का पता हो, तो वह कृतिदेव वाले लेख में भी अंग्रेजी अक्षरों में ही रहता है। लेकिन Kruti Dev 010 फॉन्ट लगाते ही "Mobile" दिखने लगता है "डवइपसम"। टूल ऊपर ही बता देता है कि लेख में कितने अंग्रेजी शब्द हैं। फॉन्ट लगाने के बाद ऐसे हर शब्द को अंग्रेजी फॉन्ट दें। पूरी बात इंग्लिश शब्दों वाले लेख में है।
- । और ॥। कृतिदेव में "।"
Aहै और "॥"AA। कार्ड पर "॥ श्री गणेशाय नमः ॥" जैसी लाइनAA Jh x.ks'kk; ue% AAबनती है। छपाई से पहले देख लें कि दोनों तरफ ॥ ठीक आया। - कोलन और विसर्ग। कृतिदेव में ":" टाइप करने पर "रू" दिखता है। इसलिए कोलन के लिए भी
%इस्तेमाल होता है और विसर्ग (ः) के लिए भी। "नमः" बनता हैue%। यह सही है। - हलंत। "विद्वान्" जैसे शब्द के आखिर का हलंत कृतिदेव में
~से बनता है:fo}ku~। - जो चिह्न कृतिदेव में हैं ही नहीं। ॐ, ₹, @ और % जैसे चिह्न कृतिदेव में नहीं होते। "50% छूट" का % भी इसी में आता है, क्योंकि कृतिदेव में
%विसर्ग और कोलन के लिए है। टूल ऐसे चिह्न हटाता नहीं, उन पर निशान लगाकर वहीं छोड़ देता है और गिनती बताता है। डिज़ाइन में इन्हें किसी दूसरे फॉन्ट से लगाएँ। - "पढ़कर जाँचें"। टूल कृतिदेव लेख की शुरुआत को वापस यूनिकोड में बदलकर दिखाता है, ताकि Kruti Dev फॉन्ट के बिना भी आप पढ़कर देख सकें कि सही बना है।
मंगल वाली कॉपी संभालकर रखें
यूनिकोड वाला लेख ही असली कॉपी रखें, कृतिदेव सिर्फ छपाई के लिए बनाएँ। बाद में वही लेख WhatsApp पर भेजना हो या वेबसाइट पर लगाना हो, तो यूनिकोड वाली कॉपी काम आएगी। पुरानी कृतिदेव फाइल को वापस यूनिकोड में लाना हो तो कृतिदेव से यूनिकोड पेज है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बदला हुआ लेख अंग्रेजी अक्षरों जैसा क्यों दिख रहा है?
कृतिदेव में हिंदी अंग्रेजी अक्षरों के रूप में ही जमा होती है। लेख को PageMaker, CorelDRAW या Word में पेस्ट करके Kruti Dev 010 फॉन्ट लगाएँगे, तब वह हिंदी दिखेगा।
मंगल वाले लेख का फॉन्ट सीधे Kruti Dev कर दें तो?
काम नहीं बनेगा। मंगल यूनिकोड है और कृतिदेव नहीं, दोनों में हिंदी अलग तरह से जमा होती है। लेख को पहले मंगल से कृतिदेव में बदलना पड़ता है।
पूरी Word फाइल कृतिदेव में बदल सकते हैं?
हाँ। .docx, .xlsx या .pptx फाइल डालें। हिंदी Kruti Dev 010 में चली जाती है, अंग्रेजी अपने फॉन्ट में रहती है, और फाइल के नाम में -krutidev जुड़ जाता है।
PDF को कृतिदेव में बदल सकते हैं?
नहीं। PDF सिर्फ कृतिदेव से यूनिकोड की दिशा में बदलती है। कृतिदेव चाहिए तो लेख या Word फाइल से बदलें।
ग्राहक का लेख कहीं अपलोड होता है?
नहीं। बदलने का काम इसी ब्राउज़र में होता है, हमारे सर्वर पर कुछ नहीं जाता।