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कृतिदेव, मंगल और यूनिकोड में क्या फर्क है? आसान भाषा में

मंगल यूनिकोड का एक फॉन्ट है, इसलिए मंगल में लिखी हिंदी असली हिंदी अक्षर होती है जो हर जगह चलती है। कृतिदेव में हिंदी अंग्रेजी अक्षरों के रूप में जमा होती है और सिर्फ Kruti Dev फॉन्ट में हिंदी दिखती है, इसलिए एक से दूसरे में जाने के लिए लेख बदलना पड़ता है, सिर्फ फॉन्ट नहीं।

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दफ्तर में कोई कहता है "मंगल में टाइप करो", परीक्षा का नोटिस कहता है "Kruti Dev 010", और ऑनलाइन फॉर्म कहता है "यूनिकोड में भरें"। तीनों नाम सुनकर लगता है जैसे ये तीन फॉन्ट हों। असल में बात फॉन्ट की कम है, और इसकी ज़्यादा कि हिंदी कंप्यूटर के अंदर किस तरह जमा होती है।

एक-एक लाइन में

  • कृतिदेव (Kruti Dev 010): एक फॉन्ट भी, और हिंदी लिखने का एक पुराना तरीका भी। इसमें हिंदी अंग्रेजी अक्षरों के रूप में जमा होती है।
  • यूनिकोड: हिंदी को असली हिंदी अक्षरों के रूप में जमा करने का तरीका, जिसे दुनिया भर के कंप्यूटर और फोन मानते हैं।
  • मंगल (Mangal): यूनिकोड हिंदी का एक फॉन्ट, जो Windows के साथ आता है। इसीलिए लोग यूनिकोड को ही "मंगल" कह देते हैं।

कृतिदेव अंदर से कैसा है

कृतिदेव में कीबोर्ड का हर बटन एक अंग्रेजी अक्षर ही लिखता है। Kruti Dev 010 फॉन्ट उन अक्षरों की शक्ल हिंदी जैसी बना देता है। "मेरा नाम राम है।" फाइल के अंदर जमा होता है esjk uke jke gSA के रूप में। स्क्रीन पर हिंदी इसलिए दिखती है क्योंकि फॉन्ट हर अंग्रेजी अक्षर की जगह एक हिंदी शक्ल बना देता है।

फॉन्ट सिर्फ शक्ल बनाता है, अक्षरों को आगे-पीछे नहीं करता। इसलिए कृतिदेव में कुछ चीज़ें उसी क्रम में टाइप होती हैं जिसमें आँख को दिखती हैं। "कि" में छोटी इ की मात्रा पहले दिखती है, तो टाइप भी पहले होती है: fd। "कर्म" में र् (रेफ) ऊपर आखिर में दिखता है, तो टाइप भी बाद में होता है: deZ।

नतीजा: कृतिदेव का लेख सिर्फ वहीं हिंदी दिखता है जहाँ Kruti Dev फॉन्ट इंस्टॉल है। बाकी जगह, जैसे WhatsApp, ईमेल या फोन पर, अंदर के अंग्रेजी अक्षर दिख जाते हैं।

यूनिकोड अंदर से कैसा है

यूनिकोड में हर हिंदी अक्षर का अपना अलग नंबर है। "क" हर कंप्यूटर और हर फोन पर "क" ही है। फॉन्ट सिर्फ यह तय करता है कि अक्षर दिखे कैसा। इसलिए एक ही यूनिकोड लेख Mangal में भी दिख सकता है, Nirmala UI में भी और Noto Sans Devanagari में भी। अक्षर वही रहते हैं, बस शक्ल थोड़ी बदलती है।

यूनिकोड में अक्षर बोलने के क्रम में जमा होते हैं: "कि" में पहले "क", फिर "ि"। मात्रा को आगे दिखाने का काम सॉफ्टवेयर करता है।

एक छोटा सा प्रयोग

Word में खुद देख लीजिए:

  1. Kruti Dev 010 फॉन्ट में "और" टाइप करें। उसे चुनकर फॉन्ट Arial कर दें। अब दिखेगा vkSj। यही असली अक्षर हैं।
  2. अब Mangal में "और" टाइप करें। उसे चुनकर फॉन्ट Nirmala UI कर दें। "और" ही रहेगा, बस शक्ल थोड़ी बदलेगी।
  3. Ctrl+Z दबाकर सब पहले जैसा कर दें।

इसीलिए कृतिदेव से मंगल में जाने के लिए सिर्फ फॉन्ट बदलना काफी नहीं है। लेख को बदलना पड़ता है।

आमने-सामने

बातकृतिदेवयूनिकोड (मंगल)
अंदर क्या जमा होता हैअंग्रेजी अक्षर और चिह्नअसली हिंदी अक्षर
WhatsApp, ईमेल, Facebookअंग्रेजी अक्षरों जैसा दिखता हैठीक दिखता है
फोन परठीक नहीं दिखताठीक दिखता है
Ctrl+F से हिंदी शब्द खोजनानहीं होताहोता है
Excel में सॉर्टगलत क्रम मेंहिंदी वर्णमाला के क्रम में
दूसरे कंप्यूटर पर खोलनावहाँ भी Kruti Dev फॉन्ट चाहिएयूनिकोड हिंदी फॉन्ट आमतौर पर पहले से होता है
पुराने PageMaker और CorelDRAWठीक चलता हैमात्राएँ टूट सकती हैं
टाइपिंग का कीबोर्डRemingtonInscript, Remington (GAIL) या फोनेटिक

यूनिकोड में टाइप कैसे करें

  • फोन पर: फोन का हिंदी कीबोर्ड यूनिकोड में ही लिखता है। कुछ अलग नहीं करना पड़ता।
  • कंप्यूटर पर: Windows की भाषा वाली सेटिंग में हिंदी जोड़ने पर यूनिकोड हिंदी कीबोर्ड मिल जाता है। जो लोग सालों से कृतिदेव पर टाइप करते आए हैं, उनके लिए यूनिकोड में Remington (GAIL) लेआउट भी होता है, जिसमें ज़्यादातर बटन कृतिदेव जैसी जगह पर ही होते हैं।

कौन सा कब इस्तेमाल करें

  • नया काम, ऑनलाइन फॉर्म, WhatsApp, ईमेल, सरकारी काम: यूनिकोड। सरकारी दफ्तरों में यह क्यों ज़रूरी हो गया है, यह दफ्तरों वाले लेख में है।
  • पुरानी कृतिदेव फाइलें: एक बार यूनिकोड में बदलकर रख लें। तरीका Word फाइल वाले लेख में है।
  • प्रेस या पुराना डिज़ाइन सॉफ्टवेयर: जब वे कृतिदेव मांगें, तभी। देखें प्रेस वाला लेख।
  • टाइपिंग टेस्ट: जो आपकी भर्ती का नोटिस कहे। तैयारी पर टाइपिंग टेस्ट वाला लेख है।

बदलना हो तो

कृतिदेव का लेख या फाइल यूनिकोड में चाहिए तो कृतिदेव से यूनिकोड पेज खोलें। मंगल (यूनिकोड) का लेख कृतिदेव में चाहिए तो यूनिकोड से कृतिदेव या मंगल से कृतिदेव पेज, दोनों एक ही काम करते हैं। लेख पेस्ट करें या Word, Excel, PowerPoint फाइल डालें। सब कुछ इसी ब्राउज़र में होता है, कुछ अपलोड नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मंगल और यूनिकोड एक ही हैं?

इस काम के लिए हाँ। मंगल यूनिकोड हिंदी का एक फॉन्ट है जो Windows के साथ आता है। Nirmala UI और Noto Sans Devanagari भी यूनिकोड फॉन्ट हैं, और इनमें से किसी में भी लिखी हिंदी एक ही यूनिकोड लेख होती है।

कृतिदेव वाले लेख का फॉन्ट बदलकर मंगल कर दूँ तो क्या होगा?

हिंदी की जगह अंग्रेजी अक्षर दिखने लगेंगे, जैसे "और" की जगह vkSj। कृतिदेव का लेख अंदर से अंग्रेजी अक्षर है, इसलिए उसे पहले कृतिदेव से यूनिकोड में बदलना पड़ता है।

मंगल और Nirmala UI में क्या फर्क है?

दोनों यूनिकोड फॉन्ट हैं और दोनों Windows के साथ आते हैं। फर्क सिर्फ अक्षरों की शक्ल का है। एक से दूसरे में फॉन्ट बदलने पर लेख वही रहता है।

क्या कृतिदेव अब बेकार हो गया है?

नहीं। कुछ प्रेस, पुराने डिज़ाइन सॉफ्टवेयर और कुछ टाइपिंग टेस्ट आज भी कृतिदेव मांगते हैं। लेकिन ऑनलाइन, फोन और नए काम के लिए यूनिकोड ही चलता है, इसलिए असली कॉपी यूनिकोड में रखें।

कैसे पता करें कि मेरा लेख कृतिदेव में है?

लेख का थोड़ा हिस्सा Notepad में पेस्ट करें। vkSj जैसे अंग्रेजी अक्षर आएँ तो कृतिदेव है, हिंदी ही रहे तो यूनिकोड। Word में फॉन्ट के खाने में Kruti Dev 010 लिखा होना भी यही बताता है।