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"चौथा" बदलकर "चैथा" क्यों हो जाता है? कृतिदेव कन्वर्ज़न की आम गलतियाँ और 5 शब्दों से खुद जाँच
ज़्यादातर गलतियाँ वहाँ होती हैं जहाँ कृतिदेव में अक्षर दिखने के क्रम में टाइप होते हैं: छोटी इ की मात्रा, रेफ, औ, ॉ, हलंत और ॥। चौथा, कर्त्तव्य, डॉक्टर, विद्वान् और ॥ श्री ॥ के कृतिदेव कोड पेस्ट करके देख लें कि कन्वर्टर सही हिंदी देता है या नहीं।
कृतिदेव का लेख यूनिकोड में बदला, सरसरी नज़र से देखा, सब ठीक लगा। पत्र चला गया। बाद में किसी ने बताया कि उसमें "चौथा" की जगह "चैथा" छपा है, और "विद्वान्" का हलंत गायब है। ऐसी गलतियाँ पढ़ते समय आसानी से छूट जाती हैं, क्योंकि शब्द लगभग सही दिखता है।
गलती होती क्यों है
कृतिदेव में अक्षर उस क्रम में टाइप होते हैं जिसमें आँख को दिखते हैं। यूनिकोड में उस क्रम में जमा होते हैं जिसमें बोले जाते हैं।
- "कि" कृतिदेव में
fdहै: पहले मात्रा, फिर अक्षर। यूनिकोड में पहले "क", फिर "ि"। - "कर्म" कृतिदेव में
deZहै: र् (रेफ) आखिर में। यूनिकोड में र् "म" से पहले आता है।
कन्वर्टर को हर ऐसी जगह अक्षरों को आगे-पीछे करना पड़ता है। गलतियाँ इसी में होती हैं।
आम गलतियाँ, एक-एक करके
छोटी इ की मात्रा (ि)
मात्रा को पूरे जुड़े अक्षर के बाद जाना होता है, सिर्फ पहले आधे अक्षर के बाद नहीं। "स्थिति" कृतिदेव में fLFkfr है। सही नतीजा "स्थिति" है। गलत कन्वर्टर मात्रा को आधे "स्" पर ही लगा देते हैं, और शब्द टूटा हुआ दिखता है।
रेफ (र्)
कृतिदेव में रेफ Z से बाद में टाइप होता है, और उसे पूरे जुड़े अक्षर से पहले पहुँचना होता है। "कर्त्तव्य" कृतिदेव में dÙkZO; है। यहाँ र् को "त्त" से पहले जाना है। कई कन्वर्टर र् को किसी और अक्षर पर लगा देते हैं। नामों में यह बहुत दिखता है: "शर्मा" ('kekZ), "वर्मा" (oekZ)।
औ की मात्रा
कृतिदेव में "ौ" दो हिस्सों में टाइप होता है: kS। "चौथा" है pkSFkk। कुछ कन्वर्टर इसमें से "ा" वाला हिस्सा छोड़ देते हैं, और "चौथा" बन जाता है "चैथा"।
ॉ (अर्धचंद्र वाला ओ)
"डॉक्टर" कृतिदेव में M‚DVj है, या MkWDVj जैसा भी टाइप होता है। गलत कन्वर्टर इसे "डाक्टर" बना देते हैं, या कोई अजीब चिह्न छोड़ देते हैं।
हलंत (्)
शब्द के आखिर का हलंत कृतिदेव में ~ से बनता है। "विद्वान्" है fo}ku~, और "सद् भाव" है ln~ Hkko। हलंत छूट जाए तो "विद्वान्" रह जाता है "विद्वान"।
॥ (दोहरा दंड)
कृतिदेव में "॥" के लिए AA टाइप होता है। सही नतीजा एक चिह्न "॥" है। कुछ कन्वर्टर इसे दो अलग दंड "।।" बना देते हैं। देखने में लगभग एक जैसे, पर "॥" खोजने पर "।।" नहीं मिलता।
विसर्ग (ः) और कोलन (:)
कृतिदेव में दोनों के लिए एक ही % है, क्योंकि कृतिदेव में ":" टाइप करने पर "रू" दिखता है। "दुःख" है nq%[k, और "विषय:" है fo"k;%। कन्वर्टर को जगह देखकर तय करना पड़ता है: शब्द के बीच में हो तो विसर्ग, "विषय" या "दिनांक" जैसे शब्द के बाद हो तो कोलन। कृतिदेव से यूनिकोड यही करता है।
नुक्ता (़)
नुक्ता कृतिदेव में + से लगता है। "ज़रूरत" है t+:jr। सही नतीजे में नुक्ता अक्षर के नीचे लगता है, अलग से "+" नहीं बचता।
5 शब्दों से किसी भी कन्वर्टर को जाँचें
नीचे के पाँच कोड कॉपी करके कन्वर्टर में पेस्ट करें, और नतीजा सही वाले कॉलम से मिलाएँ:
| कृतिदेव कोड | सही नतीजा | आम गलती |
|---|---|---|
pkSFkk | चौथा | चैथा |
dÙkZO; | कर्त्तव्य | र् गलत अक्षर पर |
M‚DVj | डॉक्टर | डाक्टर, या कोई अजीब चिह्न |
fo}ku~ | विद्वान् | विद्वान (हलंत गायब) |
AA Jh AA | ॥ श्री ॥ | ।। श्री ।। |
हमारा कन्वर्टर ऐसे ही मुश्किल शब्दों की एक लिस्ट पर जाँचा जाता है, जो असली दस्तावेज़ों से ली गई है। कृतिदेव से यूनिकोड पेज पर "नमूना देखें" दबाएँ, तो इनमें से कई शब्दों वाला नमूना खुद भर जाता है।
अपने लेख में गलती कैसे पकड़ें
- निशान वाले अक्षर देखें। जिस अक्षर को टूल पहचान न पाए, उसे हटाया नहीं जाता। वह नतीजे में निशान के साथ रहता है, और ऊपर उसकी गिनती दिखती है। अक्सर ऐसा अक्षर किसी दूसरे पुराने हिंदी फॉन्ट का होता है।
- ये जगहें खास तौर पर पढ़ें: नाम (रेफ वाले नाम खासकर), छोटी इ की मात्रा वाले जुड़े अक्षर, और "ौ" वाले शब्द।
- "।।" खोजें। नतीजे में Ctrl+F से "।।" खोजें। मिले तो वहाँ "॥" होना चाहिए था।
- गलती दिखे तो वहीं ठीक कर दें। नतीजे वाले लेख में सीधे सुधार करके फिर कॉपी करें।
अगर आपका लेख ही उल्टी दिशा में जाना है, यानी यूनिकोड से कृतिदेव, तो इन्हीं जगहों पर ध्यान दें। वहाँ अंग्रेजी शब्दों की एक अलग दिक्कत भी है, जो इंग्लिश शब्दों वाले लेख में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कन्वर्टर चौथा को चैथा क्यों बना देता है?
कृतिदेव में "ौ" की मात्रा दो हिस्सों में टाइप होती है, kS। कुछ कन्वर्टर इसमें से "ा" वाला हिस्सा छोड़ देते हैं, तो "ौ" की जगह "ै" बच जाता है।
छोटी इ की मात्रा गलत अक्षर पर क्यों लगती है?
कृतिदेव में यह मात्रा अक्षर से पहले टाइप होती है। कन्वर्टर को इसे पूरे जुड़े अक्षर के बाद ले जाना होता है। जो कन्वर्टर सिर्फ अगले एक अक्षर तक ले जाता है, उसमें स्थिति जैसे शब्द टूट जाते हैं।
किसी कन्वर्टर को जल्दी कैसे जाँचें?
pkSFkk, dÙkZO;, M‚DVj, fo}ku~ और AA Jh AA पेस्ट करें। सही नतीजा है: चौथा, कर्त्तव्य, डॉक्टर, विद्वान् और ॥ श्री ॥।
जो अक्षर बदल नहीं पाया, उसका क्या होता है?
वह हटाया नहीं जाता। नतीजे में उसी जगह निशान के साथ रहता है और उसकी गिनती दिखती है, ताकि आप देखकर ठीक कर सकें।
दुःख में विसर्ग आएगा या कोलन?
शब्द के बीच में % हो तो विसर्ग आता है, इसलिए nq%[k से दुःख बनता है। विषय या दिनांक जैसे शब्द के बाद % हो तो कोलन आता है।